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बुखार QNA

बुखार

बुखार होने को सामान्‍य माना जाता है और बदलते मौसम में तो इसे अनिवार्य भी माना जाने लगा है। लेकिन बुखार होना कहां तक सही है, बुखार किन कारणों से होता है, यह शरीर को कितना प्रभावित करता है, बुखार का उपचार क्‍या है, आदि सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे। आपके मन में बुखार संबंधित कोई सवाल है तो यहां पूछ सकते हैं।

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Health and lifestyle Related Question on बुखार

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  • Question asked by Ajay Choudhary
     
     
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      February 13, 2017 View All Answers (1)
    • A. इंजेक्शन की वजह से जो सूजन हूई है उसको कम करने के लिए ठंडी सेक का इस्तेमाल करें। सूजन वाली जगह पर बर्फ को कपड़े में रखकर सेकें। इसे एक समय पर 15 मिनट तक, और दिन में कई बार करें | आराम मिलेगा। नोट- इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालाँकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्ली माईहैल्थ डॉट कॉम की नहीं है । ओन्लीयमाईहैल्थ पर उपलब्ध सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है।

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  • Question asked by Sunil Yadav Sunil Yadav
     
     
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      January 30, 2018 View All Answers (3)
    • A. नमस्कार, प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद। अगर आपको हर महीने बुखार आता है तो ये इम्यून सिस्टम की कमजोरी की वजह से होता है। इसके लिए आप अपने खाने-पीने की आदतों में सुधार करें और फल और हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। इसके साथ-साथ किसी अच्छे चिकित्सक से राय लेकर एक बार शरीर की जांच करवाएं।

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  • Question asked by vinay
     
     
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      October 23, 2017 View All Answers (3)
    • A. पान का रस, अदरक का रस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम पीने से आराम मिलता है। यदि जुकाम या सर्दी-गर्मी में बुखार हो तो तुलसी, मुलेठी, गाजवां, शहद और मिश्री को पानी में मिलाकर काढा बनाएं और पीएं। इससे जुकाम सही हो जाता है और बुखार भी जल्द ही उतर जाता है। जलवायु परिवर्तन की वजह से बुखार होने तुलसी की चाय पीने से आराम मिलता है। इसके लिए 20 तुलसी की पत्तियां, 20 काली मिर्च, थोड़ी सी अदरक, जरा सी दालचीनी को पानी में डालकर खूब खौलाएं। अब इस मिश्रण को आंच से उतारकर छानें और इसमें मिश्री या चीनी मिलाकर गर्म-गर्म पीएं। तुलसी और सूर्यमुखी के पत्तों का रस पीने से भी टायफायड बुखार ठीक होते हैं। करीब तीन दिन तक सुबह-सुबह इसका प्रयोग करें।

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  • Question asked by Chiranjeev Singh Parmar
     
     
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      February 15, 2017 View All Answers (1)
    • A. बुखार से बचने के लिए लहसून खायें। कच्‍चे लहसुन के टुकड़े खायें। आप इस पर शहद लगाकर भी खा सकते हें। इसके अलावा लहसुन की दो कलियों को दो चम्‍मच ऑलिव ऑयल में मिलाकर इसे गर्म कर लें और इससे अपने पैरों के तलों में मसाज करें। अपने पैरों को सारी रात के लिए लपेटकर रखें। अधिक जानकारी के लिए लिंक देखें- http://www.onlymyhealth.com/fever-ki-chikitsa-ke-ghareu-nuskhe-hi-in-17988191394 नोट- इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालाँकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्ली माईहैल्थ डॉट कॉम की नहीं है । ओन्लीयमाईहैल्थ पर उपलब्ध सभी सामग्री केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है।

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  • Question asked by Banti Ahirwar
     
     
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      May 11, 2017 View All Answers (1)
    • A. सवाल पूछने के लिए धन्यवाद। टायफ़ाइड को ठीक होने में समय लग जाता है। ये उपाय आपको किसने बताया..? टायफ़ाइड में पुदीना नहीं लेते हैं। वो ठंडा करता है। एक बार आप चिकित्सक से संपर्क करेँ।

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  • Question asked by Shubham Gautam
     
     
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      February 27, 2017 View All Answers (1)
    • A. वायरल की हालत में आपको खूब पानी पीना चाहिये। इसके अलावा जूस और कैफीन रहित चाय का सेवन करें। ज्‍यादातर फलों में एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स पाये जाते हैं जिनका सेवन करने से आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं। अगर आपको डायरिया या उल्‍टी की शिकायत है तो इलेक्‍ट्रॉल का सेवन आपके लिए फायदेमंद होगा। इसके अलावा, नींबू, लैमनग्रास, पुदीना, साग, शहद आदि भी आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। अगर बहुत समय से बुखार की समस्या है तो चिकित्सक से संपर्क करें।

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  • Question asked by Nilesh Ostwal
     
     
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      November 25, 2016 View All Answers (1)
    • A. डेंगू का प्राकोप आजकल बहुत तेजी से फैल रहा है। यह बीमारी एडीज मच्छर द्वारा काटने से होती है। डेंगू के बारे में सबसे खास बात यह है कि इसके मच्छर दिन के समय काटते हैं तथा यह मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। डेंगू के उपचार के लिए पपीते की पत्तियों का ताजा जूस निकाल कर एक-एक चम्मच करके रोगी को दें। पपीते का पेड़ आसानी से मिल जाता है। बकरी का दूध बहुत से लोगों को भले ही पसंद न हो लेकिन इसके फायदे बहुत हैं। डेंगू बुखार के लिए बकरी का दूध एक और बहुत ही प्रभावशाली दवा है। बकरी के दूध में गिरते हुए प्‍लेटलेट्स को तुरंत बढ़ाने की क्षमता होती है। गिलोय की बेल का सत्व मरीज को दिन में 2-3 बार दें, या गिलोय के 7-8 पत्‍तों को लेकर कुचल लें उसमें 4-5 तुलसी की पत्तियां लेकर एक गिलास पानी में मिला कर उबालकर काढा बना लीजिए और इसमें पपीता के 3-4 पत्तों का रस मिला कर लेने दिन में तीन चार लेने से रोगी को प्लेटलेट की मात्रा में तेजी से इजाफा होता है।

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  • Question asked by Akash Gupta
     
     
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      September 19, 2018 View All Answers (1)
    • A. सवाल पूछने के लिए धन्‍यवाद, आकाश अगर आपको बार-बार इस तरह की गंभीर बीमारी हो जाती है तो ये कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता का संकेत है। इसे इम्‍यूनिटी भी कहते हैं। जब किसी व्‍यक्ति का इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो जाता है या शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति कम हो जाती है तब व्‍यक्ति बार-बार बीमार पड़ता है। इसके लिए जरूरी है कि आप संतुलित आहार लें, जिसमें फल, हरी सब्जियां और ड्राई फ्रूट्स को शामिल करें। रोजाना एक्‍सरसाइज और योगासन जरूर करें। इसके बाद उम्‍मीद है कि आप बीमार नहीं पड़ेंगे। इस संबंध में आप किसी अच्‍छे डॉक्‍टर की भी सलाह ले सकते हैं। यहां हम आपके लिए अर्टिकल के कुछ लिंक साझा कर रहे हैं, जिसे पढ़कर आप इस दिशा में काम कर सकते हैं। https://www.onlymyhealth.com/prevention-malaria-in-hindi-1282197350 https://www.onlymyhealth.com/typhoid-bukhar-se-bachav-ke-gharelu-upchar-1339053075 https://www.onlymyhealth.com/typhoid-in-kids-in-hindi-1307515705 https://www.onlymyhealth.com/always-getting-sick-tips-to-boost-your-immunity-in-hindi-1528116107 https://www.onlymyhealth.com/6-types-of-food-you-must-eat-in-the-rainy-season-in-hindi-1530013791

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  • Question asked by dev
     
     
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      April 26, 2017 View All Answers (1)
    • A. सवाल पूछने के लिए धन्यवाद। लू लगने पर सबसे पहले रोगी को ठंडी और खुली हवा में आराम करने देना चाहिए। अगर बुखार 104 डिग्री से अधिक है तो बर्फ की पट्टी सिर पर रखना चाहिए। लू लगने वाले को तुरंत प्याज का रस शहद में मिलाकर खिलाना चाहिए। अगर रोगी को प्‍यास लगी हो तो प्यास बुझाने के लिए नींबू के रस में मिट्टी के घड़े अथवा सुराही का पानी देना चाहिए। बर्फ का या ज्‍यादा ठंडा पानी नहीं पिलाना चाहिए क्योंकि इससे रोगी और बीमार हो सकता है। रोगी के शरीर को दिन में चार-पाँच बार गीले तौलिए से पोंछना चाहिए। लू लगने पर चाय-कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। कैरी का पना पिलाने से रोगी को आराम मिलता है। कच्चे आम को गरम राख पर मंद आँच वाले अंगारे में भूनकर, उसके ठंडा होने पर उसका गूदा निकालकर उसमें पानी मिलाकर पना बनाकर पीजिए। जौ का आटा व पिसा प्याज मिलाकर शरीर पर लेप करने से लू में तुरंत राहत मिलती है। http://www.onlymyhealth.com/loo-lag-jaane-par-kya-kare-1338898637

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  • Question asked by राहुल आर्या
     
     
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      March 20, 2017 View All Answers (1)
    • A. सवाल पूछने के लिए धन्यवाद। बुखार से बचने के लिए लहसून खायें। कच्‍चे लहसुन के टुकड़े खायें। आप इस पर शहद लगाकर भी खा सकते हें। इसके अलावा लहसुन की दो कलियों को दो चम्‍मच ऑलिव ऑयल में मिलाकर इसे गर्म कर लें और इससे अपने पैरों के तलों में मसाज करें। अपने पैरों को सारी रात के लिए लपेटकर रखें। अधिक जानकारी के लिए लिंक देखें- http://www.onlymyhealth.com/fever-ki-chikitsa-ke-ghareu-nuskhe-hi-in-17988191394

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  • Question asked by Roshan Singh
     
     
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    • Team OMH

      March 18, 2018 View All Answers (1)
    • A. नमस्कार प्रश्न पूछने के लिए धन्यवाद। बुखार आने के कई कारण हो सकते हैं। बच्चे को बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। अपने से कोई दवा न दें। ये वायरल इंफेक्शन या अन्य कारणों से हो सकता है।

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  • Question asked by Narendra NB
     
     
    Answered by Rahul Sharma
    • Rahul Sharma

      November 22, 2016 View All Answers (2)
    • A. टायफाइड के बाद सरदर्द रहना एक सामान्य समस्या है। इस समस्या से निपटने के लिए तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल करें। तुलसी और सूर्यमुखी के पत्तों का रस पीने से भी टायफायड बुखार ठीक होते हैं। करीब तीन दिन तक सुबह-सुबह इसका प्रयोग करें।

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  • Question asked by Chandrashekhar Sharma
     
     
    Answered by Abhinav
    • Abhinav

      September 20, 2016 View All Answers (1)
    • A. चिकन पाक्स में शरीर में बहुत तेज खुजली होती है। खुजली से बचने के लिए जई के आटे को पानी में मिलाकर स्नान करना चाहिए। 2 लीटर पानी में 2 कप जई का आटा मिलाकर लगभग 15 मिनट तक उबालें, पके आटे को एक कॉटन के बैग में अच्छी तरह से बांधकर बॉथ टब में डालकर बच्चे को नहलाएं।आधा कप भूरे सिरके को पानी में डालकर नहाने से शरीर में हो रही खुजली से निजात पायी जा सकती है। नींबू का रस पीने से चिकन पाक्स में राहत मिलती है। सब्जी का जूस और अन्य फलों का जूस भी इसमें राहत देता है।नीम की पत्तियों को गर्म पानी में डालकर नहाने से खुजली समाप्त‍ होती है।आधा चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पूरे शरीर पर लगाइए, लेप को सूखने दीजिए। इससे चिकनपॉक्‍स जल्‍द ठीक हो जाता है।आधा कप सेब के सिरके को हल्के गर्म पानी में मिलाकर नहाने से राहत मिलती है।

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  • Question asked by ashish
     
     
    Answered by Team OMH
    • Team OMH

      December 22, 2016 View All Answers (1)
    • A. लंबे समय तक बुखार और जुकाम रहना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इसलिए बिना देर किए किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें।

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  • Question asked by Rajesh Kumar
     
     
    Answered by Team OMH
    • Team OMH

      December 7, 2016 View All Answers (1)
    • A. इस समस्या के निदान के लिए आप किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें।

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  • Question asked by reena tiwari
     
     
    Answered by vamdev tiwari
    • vamdev tiwari

      July 26, 2013 View All Answers (2)
    • A. अगर आपको हल्का बुखार होता है तो दवा लेने से उतर जाता है। लेकिन यदि बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण बुखार है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं लेने की सलाह देते हैं। अगर बुखार जुकाम के कारण है तो जुकाम की दवाएं ही काम आ जाती हैं। बुखार तेज होने पर माथे पर पानी की पट्टी रखने से आराम आ जाता है। यदि आपको समझ नहीं आ रहा और बुखार नियंत्रण में नहीं है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें या अस्पताल ले जाएं। शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना भी रोगों को निमंत्रण देता है। सामान्य बुखार में प्राकृतिक व घरेलू नुस्खे भी काम आ जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से युक्त देसी नुस्खे कुछ हद तक कामयाब भी हो जाते हैं।

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  • Question asked by Anil Upadhyaya
     
     
    Answered by Gourav Gupta
    • Gourav Gupta

      July 9, 2013 View All Answers (2)
    • A. आंखों का कैंसर, कैंसर रोग का एक प्रकार है। वयस्कों में आंख का मेलेनोमा सामान्य तौर पर पाये जाने वाला कैंसर है। हालांकी आंख का कैंसर रोग बच्चों में रेटिनोब्लासटोमा नाम की बीमारी के रूप में हो सकता है। आंखों का कैंसर आंख में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि के कारण होता है। इसके लक्षणों के तौर पर आंख की पुतली का सफेद हो जाना (ल्यूकोकोरिया), आंखों का टेड़ा हो जाना (बहंगापन), मोतियाबिंद के विकास के कारण आंखों में दर्द का होना (बहुत कम मामलों में) आदि दिखाई देते हैं।

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  • Question asked by navneet singh
     
     
    Answered by teena
    • teena

      June 28, 2013 View All Answers (2)
    • A.

      डेंगू के खतरें से बचने के लिए घर में या घर के बाहर पानी इकट्ठा ना होने दें। डेंगू पैदा करने वाले मच्छर इकट्ठे पानी में अपना घर बनाते हैं। घर में हर सामान को ढक कर रखें इस प्रक्रिया के अन्तर्गत आप घर के सामान को ढक कर रखें चाहे वह खाने का बर्तन हो या पानी का। बीमारी फ़ैलाने वाले मच्छर खुली चीजों को निशाना बनाते है, खुला खाने का सामान इनमे से एक है।
      बीमारी से बचने के लिए आत्म-रक्षा करें। रात को मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाले स्प्रे का प्रयोग करें।

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  • Question asked by babita
     
     
    Answered by pankaj
    • pankaj

      June 19, 2013 View All Answers (2)
    • A. टाइफाइड पैदा करने वाले साल्मोनेला बैक्टीरिया को एंटीबॉयोटिक दवाओं से खत्म किया जाता है। हालांकि कुछ मामलों में लबे समय तक एंटीबॉयटिक दवाओं के इस्तेमाल से टाइफाइड के जीवाणु एंटीबॉयोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी (रेजिस्टेंट) हो जाते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए योग्य डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही चिकित्सा कराएं। टाइफाइड की स्थिति में रोगी के शरीर में पानी की कमी न होने पाए, इसके लिए पीड़ित व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी और पोषक तरल पदार्थ लेना चाहिए।

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  • Question asked by Sundar Lal
     
     
    Answered by Shikha
    • Shikha

      June 17, 2013 View All Answers (2)
    • A. आपका सवाल बड़ा ही वाजिब है जनाब। दरअसल जब हमारे शरीर पर कोई बैक्टीरिया या वायरस हमला करता है तो शरीर खुद ही उसे मारने की कोशिश करता है। इसी मकसद से शरीर जब अपना तापमान (सामान्य 98.3 डिग्री फॉरनहाइट से ज्यादा) बढ़ाता है तो उसे बुखार कहा जाता है। हालांकि कई बार बुखार थकान या मौसम बदलने आदि की वजह से होता है। ऐसे में 100 डिग्री तक बुखार में किसी दवा आदि की जरूरत नहीं होती। लेकिन बुखार इसी रेंज में 4-5 या ज्यादा दिन तक लगातार बना रहे या ज्यादा हो जाए तो इलाज की जरूरत होती है। कई बार बुखार 104-105 डिग्री फॉरनहाइट तक भी पहुंच जाता है। ऐसे में साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें। मरीज को वायरल है, तो उससे थोड़ी दूरी बनाए रखें और उसके द्वारा इस्तेमाल की गई चीजें इस्तेमाल न करें।

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